41 हजार छात्र और छात्राएं हुए डीएलएड (बीटीसी-2018) प्रवेश परीक्षा फार्म से वंचित

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(मुख्य समाचार) सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कैंपस और इससे संबद्ध 200 महाविद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक तृतीय वर्ष के करीब 41 हजार छात्र-छात्राएं डीएलएड (बीटीसी-2018) का प्रवेश परीक्षा फार्म भरने से वंचित हो जाएंगे। इसकी मुख्य वजह यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा अंतिम तिथि से पूर्व परिणाम निकालने में असमर्थता जाहिर करना है।

डीएलएड (बीटीसी-2018) प्रवेश परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 23 मई है। इसके लिए स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु कैंपस समेत छह जनपदों (बस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, महराजगंज, वस्ती, सिद्धार्थनगर) जनपद के संबद्ध 200 कालेजों (जहां स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा संपन्न हुई) में अध्ययनरत लगभग 41 हजार छात्र-छात्राओं के समक्ष फार्म भरने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। कारण कि लिखित परीक्षा होने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा होना शेष है। लिहाजा अंतिम तिथि से पूर्व यूनिवर्सिटी की ओर से स्नातक तृतीय वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया तो भारी संख्या में इच्छुक छात्र-छात्राओं का एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।

परीक्षाफल घोषित न छात्र ही नहीं अभिभावक भी परेशान हैं। अभिभावक सतीश कर पाठक कहते हैं कि परीक्षा खत्म किए जाने के बाद महज प्रयोगात्मक परीक्षा न होने से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो पा रहा है। इस मामले को विवि प्रशासन भी गंभीरता से नहीं ले रहा है। छात्रा कुमारी बबीता का कहना है कि अंतिम तिथि से पूर्व परिणाम आने की उम्मीद थी, पर इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है।
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु के परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह का कहना है कि स्नातक तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम 15 मई तक घोषित करने की कार्ययोजना बनाई गई थी। इस बीच शिक्षकों के मूल्यांकन कार्य में लगने से परिणाम मई के अंतिम सप्ताह या जून के प्रथम सप्ताह में ही परिणाम घोषित होने की उम्मीद है।

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