सिद्धार्थनगर। आज जनपद में 63 एंबुलेंस का चक्का जाम

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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिले में भी बेमियादी हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। लिहाजा सोमवार को जनपद में 63 एंबुलेंस वाहनों के पहिए थम जाएंगे। इनके आंदोलन को शासन ने गंभीरता से लिया है। ऐसे करने वाले कर्मियों पर एस्मा के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सीएमओ ने सीएमएस समेत सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों, अधीक्षक को पत्र लिखकर ऐसेे कर्मियों की सूचना तत्काल देने का निर्देश दिया है।

जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश की ओर से जिन मांगों को लेकर 23 सितंबर से बेमियादी हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया हैं, उनमें पुुराने कर्मचारियों का निष्कासन रद्द करते हुए तत्काल बहाली, ईएमटी पायलट के प्रशिक्षण के नाम पर 50 हजार रुपये की डीडी व 25 हजार की डीडी तत्काल प्रभाव से बंद करने, पूर्व की भांति निर्धारित वेतनमान पर ही कार्य लेने, निर्धारित अवधि से अधिक कार्य लेने पर ओवर टाइम का भुगतान देने, 2014 से वेतन वृद्धि के साथ ही 10 प्रतिशत हर वर्ष वृद्धि करने, कंपनी द्वारा फर्जी एवं गलत तरीके से केस किए जाने के मामले पर अंकुश लगाने, हरियाणा व दिल्ली राज्य के अनुुसार एनएचएम के अधीन कर सेवा सुरक्षा प्रदान करने का मुद्दा शामिल है।

मांगों पर शासन ने विचार नहीं किया और आंदोलन जारी रहा तो सोमवार से जिले के 63 एंबुलेंस के पहिए थम जाएंगे। इनमें 102 के 30, 108 के 29 व एएलएस के 4 एंबुलेंस शामिल हैं। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी नीरज चौबे व जिला कार्यक्रम प्रबंधक नौमी चंद यादव ने बताया कि जनपद में हड़ताल न होने देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। शासन ने एस्मा के तहत कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।

गंभीर रोगियों की बढ़ेगी मुसीबतें

एंबुलेंस कर्मियों के बेमियादी हड़ताल शुरू होने से सर्वाधिक दिक्कत गंभीर रोगियों को होगी। एक कॉल पर मौके पर पहुंचकर अस्पताल ले जाने में अहम भूमिका निभाने वाले एंबुलेंस के पहिए थमने से भारी दुश्वारियों का समाना करना पड़ेगा। सामान्य रोगियों के लिए प्राइवेट वाहन तो मिल जाएंगे पर अचानक गंभीर स्थिति में मिलना मुश्किल हो जाएगा।

प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में भी संचालित नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा के कुछ निष्कासित कर्मचारी एकजुट होकर 23 सितंबर से हड़ताल के मद्देनजर एंबुलेंस सेवा का एस्मा के अंतर्गत घोषित किया है। ऐसे में व्यवधान करने वाले एस्मा के तहत कार्रवाई करने का निर्देश मिला है। ऐसे कर्मियों की सूचना देने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत सीएचसी, पीएचसी के अधीक्षकों, प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. आरके मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी

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