डुमरियागंज सीटः कांग्रेस की यह पुरानी जोड़ी बुलंद कर सकती है कांग्रेस का झंडा

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सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज लोकसभा सीट कांग्रेस के चयन का काम फंसा हुआ है। कांग्रेस आला कमान अभी तक यह तय कर पाने में विफल है वा कांग्रेस के खांटी नेताओं पर भरोसा करें या भाजपा से किसी आयातित नेता पर दांव लगाये। हालांकि पार्टी के प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की नजर में आज भी पुराने कांग्रेसी ही कांग्रेस का झंडा बुलंद कर पाने में सक्षम हैं, लेकिन कांग्रेस आला कमान इस बात को समझने में अक्षम हैं।

सियासी गलियारे के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी एक विशेष रणनीति के तहत डुमरियागंज सीट से इस बार गैर मुस्लिम खास कर सवर्ण उम्मीदवार देना चाह रही है। सू़त्र बताते हैं कि कांग्रेस की पहली पसंद आज भी पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम ही हैं। लेकिन हालात के मद्देनजर कांग्रेस इच्छा के विरूद्ध निर्णय लेने पर विचार कर रही है। खबर है कि उन्हें टिकट न मिलने पर कांग्रेस के नेता व दर्जा प्राप्त मंत्री रहे नर्वदेश्वर शुक्ला के बेहतर लड़ने के संकेत दे दिए है।

कांग्रेस के निष्ठावान नेता को टिकट मिले

खबर है कि कांग्रेस पार्टी गैरमुस्लिम दावेदारों में नर्वदेश्वर शुक्ला सहित पूर्व विधायक पप्पू चौधरी, ईश्वर चंद शुक्ला व भाजपा के एक पूर्व विधायक सहित दो चेहरों के बारे में गौर कर रही है। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओ में गैरकांग्रेसी चेहरों को लेकार रोष देखा जा रहा है। उनकी दलील है कि वे दुर्दिन में पार्टी के साथ रहे नेताओं को ही स्वीकार कर सकती है।

बाहरी को टिकट देना आत्मघाती- काजी सुहेल

डुमरियागंज निवासी और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव कहते हैं काजी सुहेल अहमद कहते हैं कि कायदे से टिकट कांग्रेस के ही किसी बंदे को मिलना चाहिए। अगर बाहर से कोई आया तो वर्करों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने कहा कि टिकट मांग रहे गैर कांग्रेसी दोवेदारों में ऐसे भी लोग हैं जिनकी छवि के परखचे उड़ चुके हैं। ऐसे लोगों को टिकट देना आत्मघाती होगा।

दूसरी तरफ कांगेस के कार्यकर्ता नूरूल हसन, देवेन्द्र दूबे जैसे लोगों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान को किसी पुराने नेता को ही टिकट देना चाहिए। इन लोगों का कहना कि वर्ममान में पूर्व सासद मोहम्मद मुकीम व पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री नर्वदेश्वर शुक्ला ही जनाधार वाले नेता हैं। दोनों ही गंगा जमुनी संस्कृति के प्रतीक  हैं। अगर मुकीम साहब नर्वदेश्वर शुक्ल साथ हो जाएं तो कांग्रेस यहां से जीतने का माद्दा रखती है।

बहुत दिन बाद दोनों नेता मिले एक साथ

खबर है कि कांग्रेस के दोनों नेता बहुत दिनों के बाद एक साथ देखे गये हैं। गत दिवस दोनों वरिष्ठ नेता राहुल व प्रियंका से अपनी बात कहने के लिए उनकी शामली की जनसभा में भी गये, मगर उनका दौरा अचानक रद हो जाने से यह बात उन तक नहीं पहुंच सकी।

सूत्र बताते हैं कि मतभिन्नता के बाद भी पूर्व सासंद मुकीम ने गैर मुस्लिम दावेदारों में नर्वदेश्वर शुक्ला को सबसे सशक्त और जनाधार वाला नेता कहा है, जबकि नर्वश्वर शुक्ला ने मुकीम साहब को टिकट मिलने की दशा में तन मन धन से साथ देने को कहा है। लेकिन दिल्ली में बैठे कांग्रेस के कुछ नेता राहुल और प्रियंका को गुमराह करने के प्रयास में हैं। इसलिए कांग्रेस को फैसला लेने में देर हो रही है।

 

source:kapilvastupost.com

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