सिद्धार्थनगर नाले में गिरकर जान गंवा रहे पशु

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सिद्धार्थनगर। करीब एक करोड़ 20 लाख की लाख की लागत से बनी महरिया में बनी अस्थाई गोशाला के किनारे खोदा गया नाला पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों और यहां काम करने वालों की मानें तो सात में यहां 32 गोवंशीय पशुओं की जान जा चुकी है। इसमें से अधिकांश की मौत की वजह यह नाला ही है। रविवार को इस गोशाला की पड़ताल करने पर यह सच सामने आया।

यहां काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि अगर गड्ढे की जगह बैरिकेडिंग या फिर तार लगवा दिए जाते तो इतनी दयनीय स्थिति नहीं होती। हालांकि यहां जो बैरिकेडिंग है वह नाले के बाद है। ऐसे बेजुबानों की आवाज न उठ पाने से यह बात लोगों को पता ही नहीं चल पाती। यहां काम करने वाले राममिलन, श्रवण, अतुल ने बताया कि सात माह से पशु गोशाला में रखे जा रहे है। इसमें अब तक 32 पशुओं की मौत हो चुकी है। मौजूदा समय में गोशाला में 400 पशु हैं। एक पशुओं पर 30 रुपये का खर्च करते हुए दिन में चार किलो भूसा, एक किलो दाना और 30 ग्राम नमक दिया जाना है। लेकिन पशुओं के खाने में केवल सूखा भूसा ही दिखाई दिया। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद से गोशाला की स्थिति और भी बिगड़ गई है।

बाड़ से पूर्व बना है नाला

पशु गोशाला से बाहर न जाए, इसके लिए बैरिकेडिंग या फिर तार के बाड़ लगाया जाना था। वहीं महरिया में बाड़ से पूर्व जेसीबी से नाला खुदवा दिया गया। वर्तमान में गड्ढे में पानी भरा है। नाले में गिरने के बाद पशुओं का यहां से निकलना संभव नहीं हो पाता।

20 में से 17 मजदूरों को नहीं मिला मेहनताना

महरिया की गोशाला में 400 पशुओं की देखभाल करने के लिए 20 मजदूर लगाए गए हैं। मजदूरों ने बताया कि अब तक केवल तीन मजदूरों को मनरेगा के तहत मजदूरी मिली है। यही नहीं यहां काम के कोई घंटे भी तय नहीं हैं। अगर यही हालात रह गए तो जल्द ही सभी मजदूर काम छोड़ देंगे। ग्राम प्रधान जगदीश जायसवाल ने बताया कि रुपये की डिमांड की गई है। जो भी पशु लाए गए थे वह अधमरे हालत में थे। जिन्हें किसी तरह भूसा दिया जा रहा है।

76 में चल रहीं 33 गोशाला

सिद्धार्थनगर। जिले 76 गोशालाएं बननी थी। वर्तमान में 32 अस्थाई और एक स्थाई गोशाला चल रही है। इनमें पशुओं की संख्या 3000 से अधिक है। वहीं अधिकतर गोशालाओं में पशु नहीं हैं। इसकी शिकायत भाकियू कार्यकर्ता कई बार कर चुके हैं। सबसे खराब स्थिति जोगिया, लोटन और बढ़नी ब्लॉक के खरिकौरा ग्राम पंचायत के बनचौरी की अस्थाई गोशाला की है। करीब चार माह पूर्व लोटन और बनचौरी में छह पशुओं की मौत भी हो चुकी है। लोटन और कठेला में ग्रामीणों ने पशुओं की दयनीय स्थिति को देखकर उनको गोशाला से छोड़ दिया था। इसके अलावा जोगिया में एनएच-233 पर झुंड में छुट्टा पशु देखे जा सकते हैं। दो दिन पूर्व ही बीडीओ नौगढ़ को सीडीओ इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था क्योंकि शहर और नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में पशु गोशाला में न रहकर छुट्टा घूम रहे हैं।

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