सिद्धार्थनगर बांसी-डुमरियागंज के बीच नई रेल लाइन बनने का निर्माण कार्य इसी माह से शुरू

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siddharthnagar dumariyaganj bansi railway station
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मंत्री मनोज सिन्हा गुरुवार को मुख्य डाकघर एवं पासपोर्ट कार्यालय का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि डाक विभाग गांवों में घर-घर पहुंचा है। आज बैं¨कग सेवाओं की होम डिलेवरी शुरू कर दी गई है। 48 हजार गांवों में नए बैंक खोले गए हैं। इंडिया पोस्ट बैंक में 34 करोड़ का खाता खुला है। पीएम मोदी ने भी कई बार पोस्टमैन व डाकिये की तारीफ की है। विदेश मंत्रालय व डाक विभाग के सहयोग से प्रधान डाकघर में ही पासपोर्ट बनाया जाएगा। पहले पूरे देश में केवल 70 पासपोर्ट सेंटर थे, अब 323 केंद्र बनाए गए हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी रेल परियोजना भी इस क्षेत्र को मिली है। 4940 करोड़ से बनने वाली खलीलाबाद-श्रावस्ती रेलखंड पर निर्माण कार्य इसी माह से शुरू हो जाएगा।

इस रेल लाइन के बनने से उत्तर प्रदेश के बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्‍ती और सिद्धार्थ नगर जैसे चार जिलों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई रेल लाइन के निर्माण से करीब 57.67 लाख प्रत्‍यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 4939.78 करोड़ रुपए है और यह परियोजना 2024-25 में पूरी होगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई रेल लाइन से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह रेल लाइन गौतमबुद्ध के जीवन से जुड़ी श्रावस्‍ती से होकर गुजरेगी। श्रावस्‍ती जैन धर्म के मतावलम्बियों का एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन केंद्र भी है। नई रेल लाइन देवी दुर्गा के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक देवीपाटन मंदिर के लिए भी बेहतर संपर्क सेवा उपलब्‍ध कराएगी। ऐसे में यह रेल लाइन भींगा, श्रावस्‍ती, बलरामपुर, उतरौला, डुमरियागंज, मेहदावल और बंसी से होकर गुजरेगी। इस बड़ी लाइन की कुल लम्‍बाई 240.26 किलोमीटर होगी। नई रेल लाइन क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक महत्‍व वाले औद्योगिक विकास को बुनियादी आधारभू‍त संरचना उपलब्‍ध कराएगी।

इसके साथ ही यह परियोजना बड़ी लाइन के जरिए क्षेत्र के आर्थिक विकास में मददगार बनेगी। यह बहराइच-खलीलाबाद के बीच वैकल्पिक रेल मार्ग के साथ ही सीमावर्ती जिलों को एक दूसरे से जोड़ेगी। इस रेल लाइन से परियोजना क्षेत्र में पड़ने वाले इलाकों के स्‍थानीय निवासियों को रेल सेवा उपलब्‍ध होने के साथ ही वहां के लघु उद्योगों को भी विकसित होने में मदद मिलेगी। नीति आयोग द्वारा चिन्हित किए गए 115 आकांक्षी जिलों में से 4 इस परियोजना क्षेत्र में हैं। इन जिलों में बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्‍ती और सिद्धार्थ नगर शामिल है। उन्होंने ककरहवा से बांसी होते हुए लखनऊ वाया अयोध्या़ रेल मार्ग को जल्द स्वीकृत होने का दावा भी किया।

इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल, सांसद बस्ती हरीश द्विवेदी, विधायक इटवा डा. सतीश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा लालजी त्रिपाठी, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विनय प्रकाश ¨सह, पोस्ट मास्टर जनरल गोरखपुर संजय ¨सह, रीता श्रीवास्तव , क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा आदि मौजूद रहे।

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