बस ने बाइक में मारी टक्कर, बुआ, भतीजे की जान गई

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सिद्धार्थनगर। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के बांसी- बस्ती मार्ग पर स्थिति ककरही पुल के पास बस की चपेट में बाइक आने से बाइक सवार बुआ और भजीते की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक का 21 जून को विवाह होना था। इसलिए बुआ को अपने घर ले जा रहा था।
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव निवासी प्रमोद (22) पुत्र संतराम की 21 जून को शादी होनी था। रविवार सुबह चिल्हिया थाना क्षेत्र के बेलवा महदेवा गांव में अपनी बुआ के यहां गया था। बुआ कैलाशी (60) पत्नी रामचंद्र को बाइक से लेकर वह रुद्रपुर आ रहा था। अभी वह बांसी- बस्ती मार्ग पर स्थित ककरही बूढ़ी राप्ती नदी के पुल के पास पहुंचा था कि एक बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी तत्काल जोगिया कोतवाली और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देखते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक रास्ते में ही दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ जोगिया आरके गौतम ने बताया कि दुर्घटना एक अनुबंधित बस से हुई है। भगाते समय घेराबंदी करके पकड़ लिया गया है। केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

पल पर भर में छिन गई खुशी
सिद्धार्थनगर। प्रमोद की 21 जून को शादी होनी थी। शादी को लेकर घर में खुशी का माहौल था। परिवार के सभी सदस्य शादी की तैयारियों में जुटे थे, मगर उन्हें क्या पता था कि घर मेें खुशियां आने से पहले सब कुछ छिन जाएगा। घर से सुबह हंसते हुए बुआ को लाने के लिए निकला प्रमोद अब कभी नहीं हंसेगा यह किसको पता ही नहीं था। पिता के मोबाइल पर बजी फोन की घंटी बहुत मनहूस थी। हादसा के बाद मौत की बात सुनते ही वह सन्न हो गए। मानो एक पल मेें सब कुछ छिन गया। फोन आने के बाद पिता एकाएक बिना कुछ बोले बैठ गए। अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। लोगों के मुताबिक प्रमोद अपने तीन भाईयों में सबसे छोटा था और वह हंसमुख स्वभाव का था। घर पर रहकर पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। परिवारवालों के लिए यह चिंता खाए जा रही थी कि लड़की के घरवालों को कैसे सूचना देंगे और उन्हें क्या कहेंगे। अस्पताल पर पहुंचने वाले हर शख्स की आंखें परिवार को बिलखता देख नम हो जा रही थी।

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