सूख गए तालाब, मवेशियों की कैसे बुझे प्यास

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सिद्धार्थनगर : मई महीना आधा बीत चुका है। क्षेत्र के अधिकांश तालाब व पोखरों से पानी खत्म हो गया है। पशु, पक्षी सभी व्याकुल दिखने लगे हैं। पानी की खोज में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। मवेशियों का प्यास कैसे बुझे इस दिशा में जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं।

भवानीगंज क्षेत्र के सिलोखरा चौराहे पर स्थित तालाब पर नजर डालें तो यह तालाब करीब आठ बीघे में फैला है। दो गांव की सीमाओं को जोड़ रहा है। गौहनिया राज व केवटली नानकार का चकमारूफ डीह इससे जुड़ा हुआ है। तालाब में जब पानी भरा रहता है तो आसपास गांव के पशुओं को प्यास बुझाने व नहाने आदि में बहुत आसानी रहती थी। इन दिनों तालाब को देखें तो पूरा सूखा हुआ है।

गुरुवार को दोपहर में प्यास से व्याकुल बहुत सारे पशु तालाब में ही पानी की तलाश में भटकते दिखाई दिए। विनोद दूबे और महेन्द्र चौधरी का कहना है कि प्रचंड गर्मी शुरू हो चुकी है। मगर ताल, पोखरों में पानी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। यही स्थिति रही तो फिर बेसहारा जानवर प्यास से करते दिखाई देंगे। शंकर मणि शुक्ला व धनश्याम ने कहा कि उनके क्षेत्र के कुछ तालाबों में अभी थोड़ा पानी है क्योंकि उन लोगों ने मछुआरों को तालाब में घुसने नहीं दिया। जबकि ज्यादातर जगहों पर तालाब सूख चुके हैं। बीडीओ सुशील अग्रहरि ने कहा कि शीघ्र ही ग्राम प्रधानों सहयोग लेकर तालाब, पोखरों में पानी भराया जाएगा।

 

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