वाराणसी हादसा: जांच नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहिए

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बावजूद इसके जो भी अधिकारी हर महीने निरीक्षण करने जा रहे थे उन्हें क्यों नहीं दिखा? इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी पिछले दिनों इस पुल का निरीक्षण किया था और जल्द ही इस फ्लाईओवर के निर्माण को पूरा करने का निर्देश दिया था. केशव प्रसाद मौर्य ने पांच बार इस पुल का निरीक्षण किया था.

इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस क्यों इस निर्माणाधीन के नीचे से आवागमन को सुनिश्चित कर रही थी. जिस जगह ये हादसा हुआ है वह काफी व्यस्त ट्रैफिक है. इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर से लेकर सभी लोगों के लिए वाराणसी में प्रवेश का यह द्वार है. पुल के निर्माण के दौरान यहां से ट्रैफिक का आवागमन सुनिश्चित करना भी सबसे बड़ी गलती है. जिम्मेदार कौन है?

हालांकि, मुख्यमंत्री ने भी 48 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की है. लेकिन सवाल यह है कि कार्रवाई क्या होगी? महज निलंबन और जांच? नहीं इस वारदात के बाद नजीर पेश करने की जरुरत है. उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों, निजी ठेकेदार, एसपी ट्रैफिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की जरुरत है.

यहां एक बात और बतानी जरूरी है कि यूपी सेतु निर्माण विभाग किसी को ठेका नहीं देता. खुद ही निर्माण करवाता है. इसके साथ ही अगर स्लैब रखना होता है तो उसे दिन में नहीं रखा जा सकता. उसे रात में रखा जाता है. इसके अलावा अगर रखने की इतनी जरुरत होती है तो डीएम के स्तर से एसपी ट्रैफिक के पास पत्र जाता है कि आवागमन स्थगित किया जाए. इस हादसे में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. खबर यह भी है कि पुल का ये हिस्सा पहले से ही पिलर पर रखा हुआ था. निर्माण सामग्री ख़राब होने की वजह से वह गिरा.

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है. इस मामले में ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी. वहीं मामले में सपा के प्रवक्ता अनिल यादव ने कहा कि सिर्फ अधिकारी ही नहीं नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. अनिल यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस पुल का निरीक्षण पांच बार किया. सीएम योगी तीन बारे गए. उन्होंने क्या देखा? उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.

बता दें कि इस हादसे में 16 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है. यह आंकड़ा बढ़ सकता है. रहत बचाव के दौरान जो तस्वीर आ रही है वह वीभत्स है. शव टुकड़ों में बाहर निकाले जा रहे हैं. अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 50 मीटर लंबे स्लैब के गिरने से एक पूरी बस जमीन में धंस गई. सिर्फ ड्राइवर के बचने की सूचना है.

हादसे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि घटना मर्माहत करने वाली है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, यूपी के आपदा राहत सचिव संजय कुमार ने भी 16 लोगों के मरने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि 3 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.

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