जहरीली हुई बूढ़ी राप्ती, बीमार हुए मवेशी

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शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बड़े भू-भाग को अभि¨सचित करने वाली बूढ़ी राप्ती नदी का पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। लमुइया, छगड़िहवा, इमिलहा सहित अन्य घाटों पर पानी पूरी तरह काला दिखाई दे रहा है। प्रदूषण के कारण जहां नदी की मछलियां व अन्य जलीय जीव मर चुके हैं, वहीं इसका जल पीने वाले जानवर भी बीमारी की गिरफ्त में पहुंच रहे हैं।



तहसील क्षेत्र की जीवनदायिनी नदी बूढ़ी राप्ती पूरी तरह से प्रदूषण की चपेट में है। बलरामपुर जिले से तहसील क्षेत्र में दाखिल होने वाली इस नदी में बलरामपुर व तुलसीपुर शुगर फैक्ट्रियों का कचरा बिना रिसाइकिल किए गिराया जा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर गंदे नालों का पानी भी नदी में गिर रहा है। बढ़ती गंदगी के कारण इन दिनों नदी का पानी पूरी तरह से काला पड़ गया है। चार दिन पहले लमुइया और इमिलहा घाट पर गंदे पानी के कारण मछलियां मरकर सतह पर तैरती मिलीं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नदी का पानी पीकर जानवर बीमार पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं जानवरों को नहलाने के लिए इन घाटों पर पहुंचने वाले लोग मवेशियों के साथ खुद भी त्वचा संबंधी बीमारियों की जद में आ जा रहे हैं। क्षेत्र के घनश्याम चौधरी व रमाकांत मौर्या का कहना है कि गर्मी के दिनों में अक्सर नदी के पानी से ही खेतों की ¨सचाई कर ली जाती थी, लेकिन अब तो यह डर सताने लगा है कि इस गंदे पानी से अगर खेतों को सींचा गया तो कहीं वह उसर न हो जाए। मनोज, कल्लू, राधेश्याम, मंगरे सहित अन्य लोगों का कहना है कि प्रदूषित पानी में जिस तरह से जलीय जीव मर रहे हैं, इससे नदी के आस-पास बसे गांवों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। एसडीएम जुबेर बेग ने कहा कि पानी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। कहा कि नदी में गंदगी गिराने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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